Advertisement
Advertisements

बैंकिंग रूल्स में बड़ा बदलाव! 1 अप्रैल से सिर्फ 5 दिन खुले रहेंगे बैंक Bank Holidays

Advertisements

Bank Holidays – अगर आप बैंक के कामकाज के लिए अक्सर शाखा जाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। भारत में बैंक कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग आखिरकार पूरी हो गई है। अब देशभर के बैंक हफ्ते में केवल पांच दिन खुलेंगे, यानी सोमवार से शुक्रवार तक ही काम होगा।

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की लंबे समय से मांग थी कि बैंक कर्मचारियों को भी सप्ताह में दो दिन की छुट्टी मिलनी चाहिए, ताकि वे अपनी निजी जिंदगी और काम के बीच संतुलन बना सकें। सरकार ने इस मांग को मान लिया है, लेकिन इसे लागू करने से पहले चौबीस और पच्चीस मार्च को देशभर के बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे।

Advertisements

पांच दिन वर्क वीक की मांग क्यों की जा रही थी

बैंक कर्मचारियों की सबसे बड़ी समस्या यह थी कि हफ्ते में छह दिन काम करने से उन्हें अपने और अपने परिवार के लिए बिल्कुल भी समय नहीं मिलता। न ही वे अपनी सेहत का ध्यान रख पाते हैं और लगातार बढ़ते कार्यभार के कारण मानसिक दबाव महसूस करते हैं।

Also Read:
Sukanya Samirddhi Yojana हर महीने ₹12,500 जमा करें और पाएं ₹83 लाख! बेटी के भविष्य के लिए जबरदस्त प्लान Sukanya Samirddhi Yojana

यूनियन का मानना है कि हफ्ते में पांच दिन काम करने से –

Advertisements
  • कार्य और निजी जीवन के बीच संतुलन बना रहेगा
  • कर्मचारियों की कार्यक्षमता में सुधार होगा
  • तनाव और थकान कम होगी
  • कार्यस्थल का वातावरण अधिक सकारात्मक बनेगा

दुनिया के कई देशों में बैंक हफ्ते में केवल पांच दिन ही संचालित होते हैं, इसलिए भारतीय बैंक कर्मचारियों ने भी यही मांग की थी।

क्या पांच दिन की छुट्टी पर सहमति बन गई है

सरकार ने इस मांग को मान लिया है, लेकिन इसे लागू करने में थोड़ा समय लग सकता है। इस फैसले को जल्द ही अमल में लाया जाएगा।

Advertisements
Also Read:
Petrol Diesel Price 10 साल में पहली बार सस्ता हुआ पेट्रोल-डीजल! जानें कितनी घटी कीमतें Petrol Diesel Price

हालांकि, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस और भारतीय बैंक संघ के बीच कुछ मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है, जिसके कारण चौबीस और पच्चीस मार्च को देशभर में बैंक हड़ताल रहेगी।

बैंक कर्मचारियों की अन्य मांगें

पांच दिन कार्य सप्ताह के अलावा बैंक यूनियनों ने और भी कई मांगें रखी हैं, जिनमें शामिल हैं –

Advertisements

स्टाफ की पर्याप्त भर्ती

बैंकों में कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण कार्यभार बहुत अधिक बढ़ जाता है। यूनियन की मांग है कि हर स्तर पर नई भर्तियां की जाएं ताकि कर्मचारियों पर काम का दबाव कम हो सके।

Also Read:
Fixed Deposit Interest Rates FD में बंपर कमाई! इन बैंकों में निवेश पर 4 साल 7 महीने में मिलेगा ₹1,40,000 का मुनाफा Fixed Deposit Interest Rates

परफॉर्मेंस आधारित वेतन वृद्धि और इंसेंटिव स्कीम को हटाया जाए

बैंक यूनियनों का मानना है कि प्रदर्शन के आधार पर वेतन वृद्धि और प्रोत्साहन देने की योजना को समाप्त किया जाए, क्योंकि यह कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव डालती है।

Advertisements

अस्थायी कर्मचारियों का स्थायीकरण

बैंकों में बड़ी संख्या में कर्मचारी अस्थायी पदों पर काम कर रहे हैं। यूनियन चाहती है कि इन्हें स्थायी किया जाए, ताकि उनकी नौकरी सुरक्षित हो सके।

कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए

बैंकिंग क्षेत्र में अक्सर कर्मचारियों को सुरक्षा संबंधी चिंताओं का सामना करना पड़ता है। यूनियन चाहती है कि बैंक कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

Also Read:
Tulip Turbine सोलर पैनल भूल जाएं! Tulip Turbine से पाएं 24 घंटे फ्री बिजली – कीमत और फीचर्स जानें Tulip Turbine

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में रिक्त पदों को भरा जाए

यूनियन की मांग है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में रिक्त पड़े निदेशक पदों को जल्द से जल्द भरा जाए।

ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा बढ़ाई जाए

बैंक कर्मचारियों ने ग्रेच्युटी अधिनियम में संशोधन कर अधिकतम सीमा पच्चीस लाख रुपये करने की मांग की है, जिससे सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें अधिक लाभ मिल सके।

बैंकों की हड़ताल का प्रभाव

अगर आप चौबीस या पच्चीस मार्च को बैंकिंग से जुड़ा कोई आवश्यक कार्य करने की सोच रहे हैं, तो इसे पहले ही निपटा लें, क्योंकि हड़ताल के कारण दो दिन तक बैंक बंद रहेंगे।

Also Read:
Personal Loan Rule पर्सनल लोन नहीं चुकाया तो जाना पड़ेगा जेल! जानें सच और नियम Personal Loan Rule

इसका प्रभाव –

  • नकद जमा और निकासी प्रभावित होगी
  • चेक क्लीयरेंस में देरी हो सकती है
  • सरकारी लेनदेन में बाधा आ सकती है
  • एटीएम सेवाएं चालू रहेंगी, लेकिन नकद की उपलब्धता कम हो सकती है

फायदे और नुकसान

फायदे

  • बैंक कर्मचारियों को बेहतर कार्य-जीवन संतुलन मिलेगा
  • मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होगा
  • कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी
  • अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बैंकिंग प्रणाली का विकास होगा

नुकसान

  • बैंकों के कार्य करने के घंटे कम हो जाएंगे
  • ग्राहकों को सप्ताह में केवल पांच दिन ही बैंकिंग सेवाएं मिलेंगी
  • शुरुआती दौर में ग्राहकों को कुछ असुविधा हो सकती है

सरकार ने बैंक कर्मचारियों के हफ्ते में पांच दिन कार्य करने की मांग को स्वीकार कर लिया है, जिससे उनकी कार्य और निजी जीवन के बीच संतुलन बेहतर होगा। हालांकि, अभी इस फैसले को लागू करने की प्रक्रिया चल रही है।

इसके अलावा, यूनियन की बाकी मांगों पर भी चर्चा जारी है। लेकिन फिलहाल चौबीस और पच्चीस मार्च को हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी, इसलिए अपने बैंकिंग से जुड़े कार्य पहले ही निपटा लें।

Also Read:
Post Office Scheme Post Office की धांसू स्कीम! 9.75% ब्याज का जबरदस्त मौका – जानें PPF, NSC और SCSS में कौन बेस्ट? Post Office Scheme

Leave a Comment

Whatsapp Group