Tenant Rights – अगर आप किसी दूसरे शहर में पढ़ाई, नौकरी या बिजनेस के लिए जाते हैं और किराए के घर में रहते हैं, तो कई बार मकान मालिक की मनमानी का शिकार हो सकते हैं। कई लोग किराए के नियमों के बारे में ज्यादा नहीं जानते, जिससे उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि कानून में किराएदारों के अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए कई नियम बनाए गए हैं। तो आइए जानते हैं कि एक किराएदार के तौर पर आपके कौन-कौन से अधिकार हैं और आप किस तरह मकान मालिक की मनमानी से बच सकते हैं।
किराया नियंत्रण अधिनियम (Rent Control Act) क्या है?
किराएदारों को सबसे पहले Rent Control Act के बारे में जानना जरूरी है। यह अधिनियम पहली बार 1948 में लागू हुआ था और मकान मालिक और किराएदार के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए इसे लाया गया था। इस कानून के तहत यह तय किया गया कि किराए पर घर देने और किराया बढ़ाने के क्या नियम होंगे।
हर राज्य में इस अधिनियम के अलग-अलग प्रावधान हो सकते हैं, लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य मकान मालिक और किराएदार के अधिकारों को सुरक्षित करना है। किराए पर रहने से पहले आपको Rent Agreement बनवाना चाहिए। यह सिर्फ एक कागज नहीं, बल्कि कानूनी रूप से मान्य समझौता होता है जो आपके अधिकारों की रक्षा करता है।
मकान मालिक कब खाली करवा सकता है मकान?
मकान मालिक बिना किसी ठोस वजह के आपको घर खाली करने के लिए नहीं कह सकता। यदि वह आपको घर से निकालना चाहता है, तो उसके पास इसके लिए कानूनी आधार होना जरूरी है।
मकान खाली करवाने के कुछ मुख्य कारण:
- अगर किराएदार दो महीने या उससे ज्यादा समय तक किराया नहीं देता
- अगर किराएदार मकान को किसी गलत या गैरकानूनी गतिविधि के लिए इस्तेमाल करता है
- अगर किराएदार मकान को नुकसान पहुंचाता है
- अगर किराएदार रिहायशी मकान में कॉमर्शियल काम शुरू करता है
अगर मकान मालिक बिना किसी कारण के जबरन घर खाली करवाने की कोशिश करे, तो आप इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं।
मकान मालिक को देनी होंगी ये सुविधाएं
किराए पर रहते हुए आपको कुछ बुनियादी सुविधाओं का हक है, जिन्हें मकान मालिक से मांग सकते हैं। इनमें शामिल हैं:
- पीने का साफ पानी
- घर में बिजली और बिजली के कनेक्शन की सुविधा
- यदि मकान के साथ पार्किंग की सुविधा हो, तो उसका इस्तेमाल करने का अधिकार
अगर मकान मालिक ये सुविधाएं नहीं दे रहा, तो आप उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
मकान मालिक किराया कब और कितना बढ़ा सकता है?
अगर आप लंबे समय से किराए पर रह रहे हैं, तो मकान मालिक किराया बढ़ाने की मांग कर सकता है, लेकिन इसके लिए भी कुछ नियम तय किए गए हैं।
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- मकान मालिक बिना नोटिस के किराया नहीं बढ़ा सकता
- किराया बढ़ाने से कम से कम 3 महीने पहले नोटिस देना होगा
- रेंट एग्रीमेंट में तय नियमों के आधार पर ही किराया बढ़ेगा
अगर मकान मालिक एकदम से ज्यादा किराया मांगने लगे, तो आप इस पर आपत्ति कर सकते हैं।
किराएदार के परिवार को भी होते हैं अधिकार
अगर किराएदार का किसी कारणवश निधन हो जाता है, तो मकान मालिक तुरंत उसके परिवार को घर खाली करने के लिए नहीं कह सकता। किराएदार की पत्नी, बच्चे या अन्य करीबी सदस्य वहां रह सकते हैं और मकान मालिक को उन्हें पर्याप्त समय देना होगा।
- यदि रेंट एग्रीमेंट किराएदार के नाम पर बना है, तो इसे नया बनवाया जा सकता है।
- अगर बची हुई अवधि के लिए किराया पहले से तय है, तो मकान मालिक इसे बदल नहीं सकता।
सिक्योरिटी डिपॉजिट पर नियम
कई बार मकान मालिक एडवांस के नाम पर मनमानी रकम मांग लेते हैं, लेकिन इसके लिए भी नियम बने हुए हैं।
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- मकान मालिक सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर ज्यादा रकम नहीं मांग सकता
- सिक्योरिटी डिपॉजिट मकान के नुकसान को कवर करने के लिए लिया जाता है
- अगर किराएदार ने मकान को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया, तो मकान मालिक को पूरी राशि वापस करनी होगी
अगर मकान मालिक सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस करने में आनाकानी करे, तो आप इसके लिए कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं।
मकान मालिक नहीं कर सकता परेशान
कई बार मकान मालिक किराएदारों की प्राइवेसी का उल्लंघन करने की कोशिश करते हैं, जो कि गलत है।
- मकान मालिक बिना अनुमति के घर में प्रवेश नहीं कर सकता
- किराएदार को परेशान करने या धमकाने का अधिकार नहीं है
- यदि मकान मालिक बार-बार बेवजह चेकिंग के बहाने घर आता है, तो यह गलत है
अगर आपको ऐसा महसूस हो कि मकान मालिक आपको बेवजह परेशान कर रहा है, तो आप पुलिस में शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
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भारत में किराए पर रहने वाले लोगों को अपने अधिकारों के बारे में पता होना जरूरी है। मकान मालिक को यह अधिकार नहीं है कि वह अपनी मनमानी करे या किराएदार को बिना कारण परेशान करे। अगर आप भी किराए पर रहते हैं, तो Rent Agreement बनवाना, किराया नियंत्रण अधिनियम के नियमों को समझना, और अपने कानूनी अधिकारों के बारे में जागरूक रहना बहुत जरूरी है।
अगर कभी मकान मालिक आपको बेवजह परेशान करता है या आपके अधिकारों का उल्लंघन करता है, तो घबराने की जरूरत नहीं। कानूनी रूप से आपके पास कई ऐसे अधिकार हैं, जिनका इस्तेमाल करके आप खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।